देहरादून: उत्तराखंड के डोईवाला क्षेत्र से फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने संबंधित शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम में तैनात सहायक अध्यापिका पर आरोप था कि उन्होंने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर आरक्षित श्रेणी में नौकरी प्राप्त की थी।
मामले की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई, जिसमें प्रमाणपत्र कूटरचित पाया गया। इसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी।
उप शिक्षा अधिकारी डोईवाला द्वारा कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और दस्तावेजों की सत्यता को लेकर एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
