देहरादून : देहरादून में आयोजित एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड प्रेम एक बार फिर साफ नजर आया।
अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रधानमंत्री ने न सिर्फ विकास कार्यों की बात की…बल्कि अपने भाषण में स्थानीय जुड़ाव भी दिखाया। उन्होंने गढ़वाली और कुमाऊंनी बोली के शब्द जैसे “भुला-भुलियों”, “आमा”, “बाबा” और “सयाणा” का इस्तेमाल कर लोगों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री पारंपरिक ब्रह्मकमल टोपी में नजर आए…जिसने उनके लोकल कनेक्ट को और मजबूत किया। उन्होंने अपने संबोधन में डाट काली मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि मां का आशीर्वाद हमेशा इस क्षेत्र पर बना रहता है।
इसके साथ ही उन्होंने पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग, हरिद्वार कुंभ और नंदा राजजात जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का उल्लेख कर उत्तराखंड की आस्था और परंपरा को भी सम्मान दिया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच मजबूत तालमेल भी देखने को मिला। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने धामी को लोकप्रिय, कर्मठ और युवा मुख्यमंत्री बताया।
कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच आपसी बातचीत भी देखने को मिली…जिससे उनकी बेहतर समझ और समन्वय साफ झलकता है।

प्रधानमंत्री का यह अंदाज एक बार फिर यह दिखाता है कि उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा और परंपराओं से उनका गहरा जुड़ाव है…जो लोगों को खासा प्रभावित करता है।
