देहरादून : राजधानी देहरादून से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी शहर के भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था। समय रहते गिरफ्तारी से एक बड़े हमले को टाल दिया गया।
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलर के संपर्क में आया था। इसके बाद उसे देहरादून के प्रमुख स्थानों, पुलिस प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक जगहों की रेकी कर वीडियो और लोकेशन साझा करने के निर्देश दिए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने आईएमए, आईएसबीटी और पुलिस मुख्यालय जैसे संवेदनशील स्थानों की जानकारी भी भेजी थी।
आरोपी को कोड वर्ड के जरिए निर्देश दिए जाते थे…जिसमें हमलों की योजना छिपाई जाती थी। जांच एजेंसियों के अनुसार उसे विस्फोटक हमलों को अंजाम देने की तैयारी करने को कहा गया था और इसके लिए हथियार व संसाधन उपलब्ध कराने की भी योजना थी।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने शहर के कई स्थानों पर आपत्तिजनक नारे लिखकर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। साथ ही उसने सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन तक साझा की…जिससे सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का अंदेशा है।
एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि आरोपी के तार एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं…जिसकी गतिविधियां अन्य राज्यों में भी सक्रिय रही हैं। उसके पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चैट्स की जांच की जा रही है…ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई समय रहते की गई…जिससे एक संभावित बड़ी आतंकी घटना को टाला जा सका।
