कॉमर्शियल गैस संकट
उत्तराखंड में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहराने लगा है। राज्य के कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को व्यावसायिक गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनके सामने संचालन जारी रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि अब कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक इंडक्शन चूल्हों के सहारे काम चलाने की तैयारी कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और आपूर्ति बाधित होने के कारण रसोई गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। प्रशासन ने फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है, जिससे होटल कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
होटल संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास जितना गैस का स्टॉक है, उसी के सहारे काम चलाया जा रहा है, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगा। अगर जल्द ही कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो होटल और रेस्टोरेंट संचालन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
दून होटल ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह से बंद है और जो स्टॉक बचा है वह भी तेजी से खत्म हो रहा है। ऐसी स्थिति में मजबूरी में इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो होटल कारोबार को नुकसान उठाना पड़ेगा।
वहीं, एसोसिएशन के महासचिव विजय टंडन ने कहा कि फिलहाल कई होटल संचालक इंडक्शन चूल्हे मंगवा रहे हैं और कुछ ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक होटल में स्थिति सामान्य है, लेकिन अगर गैस की आपूर्ति जल्द शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परेशानियां बढ़ सकती हैं।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान कारोबार प्रभावित न हो और ग्राहकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
