चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा के शुरू होते ही केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रोजाना औसतन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जो निर्धारित क्षमता से लगभग दोगुना है। बढ़ती भीड़ और व्यवस्थाओं पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए अब बदरी-केदार मंदिर समिति ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है।
Badrinath-Kedarnath Temple Committee (बीकेटीसी) ने मंदिर परिसर के चारों ओर करीब 7 फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को गढ़वाल आयुक्त कार्यालय भेजा गया है और मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
समिति का कहना है कि बैरिकेड्स लगाने का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने वालों पर नियंत्रण करना है। हाल के दिनों में प्रशासन द्वारा वीडियो और रील बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे नियमों की अनदेखी करते हुए वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।
प्रस्तावित बैरिकेडिंग से मंदिर परिसर को सुव्यवस्थित तरीके से सीमित किया जाएगा, जिससे केवल दर्शन के उद्देश्य से आने वाले श्रद्धालु ही निर्धारित मार्ग से प्रवेश कर सकेंगे। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भीड़ नियंत्रण में भी काफी मदद मिलेगी।
जानकारों के अनुसार, केदारनाथ धाम में प्रतिदिन करीब 15 हजार श्रद्धालुओं की संख्या व्यवस्थाओं के लिहाज से उचित मानी जाती है। लेकिन वर्तमान में यह संख्या दोगुनी हो चुकी है, जिससे लंबी कतारें, आवास और भोजन जैसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है।
मुख्य प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी के मुताबिक, बैरिकेड्स लगने के बाद मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था दोनों बेहतर होंगे।
प्रशासन और मंदिर समिति के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है—श्रद्धालुओं की आस्था को बनाए रखते हुए व्यवस्थाओं को संतुलित रखना। ऐसे में यह कदम आने वाले दिनों में केदारनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

