रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि विकासखंड के कोटी गांव से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए गुलदार के हमले से अपनी जान बचा ली। महिला मवेशियों के लिए जंगल में घास काटने गई थीं, तभी झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे नारायणी देवी रोज की तरह जंगल में घास लेने पहुंची थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर झपट्टा मार दिया। लेकिन घबराने के बजाय महिला ने अपने हाथ में मौजूद दरांती को ही हथियार बना लिया और लगातार गुलदार पर वार करती रहीं। महिला के साहस और जवाबी हमले से गुलदार पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग निकला।
इस हमले में नारायणी देवी के हाथ और पैरों में चोटें आईं। परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई। चिकित्सक डॉ. प्रियांशी के अनुसार महिला को गंभीर चोटें नहीं हैं और उनकी स्थिति सामान्य है।
महिला के बेटे पंकज सिंह ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की यह पहली घटना है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव के अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं और उन्हें प्रतिदिन जंगल से घास लानी पड़ती है। ऐसे में गुलदार की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, गुलदार की निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इस बार एक बुजुर्ग महिला की हिम्मत ने उनकी जान बचा ली, लेकिन यह घटना जंगलों से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। अब सभी की निगाहें वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

