हेमकुंड साहिब
चमोली जिले में हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के द्वार खुलते ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से गूंज उठा।
पूलना गांव के ग्रामीणों ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान लक्ष्मण को भोग लगाया। वहीं गोविंदघाट से पहला जत्था पंच प्यारों की अगुवाई में हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं का यह जत्था रात्रि विश्राम घांघरिया में करेगा और शनिवार 23 मई की सुबह हेमकुंड साहिब पहुंचेगा, जहां विधिवत रूप से कपाट खोले जाएंगे।
हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन ने व्यापक तैयारियां की हैं। गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। सेना के जवान पहले ही यात्रा मार्ग से बर्फ हटाकर रास्ता सुचारु कर चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बुधवार को ऋषिकेश से रवाना हुआ पहला जत्था श्रीनगर होते हुए गुरुवार को गोविंदघाट पहुंचा था। शुक्रवार सुबह अरदास के बाद यात्रा आगे बढ़ाई गई। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है और लगातार बड़ी संख्या में यात्री गोविंदघाट पहुंच रहे हैं।
गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पहले ही दिन तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवास की विशेष व्यवस्था की गई है।
चारधाम यात्रा के बीच हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू होने से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

