बंजी जंपिंग
ऋषिकेश, तपोवन और देवप्रयाग जैसे क्षेत्र देशभर में एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। खासकर बंजी जंपिंग का रोमांच लेने के लिए हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लेकिन हाल के कुछ हादसों के बाद अब उत्तराखंड सरकार इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने की तैयारी में जुट गई है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने बंजी जंपिंग के लिए नई गाइडलाइन और नियमावली तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल के अनुसार नई नियमावली अगले एक माह के भीतर लागू कर दी जाएगी। इसके लिए देश और विदेश के विशेषज्ञों के साथ-साथ एडवेंचर सेक्टर से जुड़े विभिन्न हितधारकों की राय भी ली गई है।
नई गाइडलाइन में पर्यटकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को बंजी जंपिंग से पहले अनिवार्य रूप से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी व्यक्ति को जंपिंग की अनुमति नहीं मिलेगी।
इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी गई है। नई नियमावली में जंपिंग कराने वाली कंपनियों के लिए भी सख्त मानक तय किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाली प्राकृतिक रबर की बंजी कॉर्ड का उपयोग, निर्धारित समय के बाद उपकरणों का अनिवार्य बदलाव, डबल हार्नेस सिस्टम और जंप से पहले ट्रिपल सेफ्टी चेक जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
दरअसल पिछले कुछ समय में बंजी जंपिंग से जुड़े हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। नवंबर 2025 में ऋषिकेश में एक युवक सुरक्षा रस्सी टूटने से गंभीर रूप से घायल हो गया था, जबकि हाल ही में बंजी जंपिंग के बाद एक अन्य युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई थी।
सरकार का मानना है कि नई नियमावली लागू होने के बाद एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। इससे पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और उत्तराखंड की पहचान एक सुरक्षित एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत होगी।

