गुलदार
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार के हमले में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। घटना के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने खंडाह में श्रीनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में गुलदार की दहशत से निजात दिलाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। करीब आधे घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे पर यातायात बाधित रहा।
जानकारी के मुताबिक, बछेली के तरुली गांव में शुक्रवार को जंगल में घास लेने गई एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया था। इस हमले में महिला की मौत हो गई। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता से ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बना हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी जंगल जाने में खतरा महसूस हो रहा है।
शनिवार को ग्रामीणों ने खंडाह में सड़क पर एकत्र होकर विरोध जताया और गुलदार के आतंक से जल्द निजात दिलाने की मांग की। सूचना मिलने पर पौड़ी के प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव, श्रीनगर की उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा और पुलिस उपाधीक्षक तपेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और गुलदार को मारने के जारी आदेश की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए राजी हुए और हाईवे पर यातायात बहाल हो गया।
डीएफओ महातिम यादव के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की दो टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। गुलदार को मारने के लिए दो शिकारी तैनात किए गए हैं। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए छह ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और उसे पकड़ने के लिए दो पिंजरे भी स्थापित किए गए हैं।
वन विभाग ने बताया कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता राशि भी उपलब्ध करा दी गई है। फिलहाल क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई जारी है। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों की मांग है कि गुलदार के खतरे से जल्द राहत मिले, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। अब सभी की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।

