नगरासू
रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में बीते दो दिनों से चला आ रहा विवाद अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कोशिशों के बीच हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन इस घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार पंजाब से हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग श्रद्धालु पिछले कई दिनों से नगरासू गुरुद्वारे में ठहरे हुए थे। स्थानीय लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन के मुताबिक शुरुआत में वे सामान्य श्रद्धालुओं और सेवादारों की तरह रह रहे थे तथा सेवा कार्यों में भी हिस्सा ले रहे थे। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि कुछ ही दिनों बाद गुरुद्वारा परिसर विवाद का केंद्र बन जाएगा।
बताया जा रहा है कि 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर हुए विवाद और उसके बाद कुछ निहंगों की गिरफ्तारी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर अन्य निहंग नगरासू पहुंचे। इसी बीच गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद बढ़ने लगे।
20 जून की शाम विवाद ने नया मोड़ ले लिया, जब सात निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल और छत पर पहुंच गए। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। कई दौर की बातचीत के बाद सोमवार सुबह दो निहंग नीचे उतर आए, जबकि अन्य के साथ भी वार्ता जारी रही।
गुरुद्वारा प्रबंधन का दावा है कि दो लोगों को रोके जाने की स्थिति बनी थी, जिनमें से एक को पहले ही छोड़ दिया गया, जबकि दूसरे को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मुक्त कराया गया। वहीं पुलिस और प्रशासन लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का एक अहम पहलू सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सामने आया है। गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि संबंधित लोग कई दिन पहले ही परिसर में पहुंच चुके थे, लेकिन किसी भी एजेंसी को इसकी जानकारी नहीं लगी। ऐसे में खुफिया तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं और सुरक्षा बल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए जल्द ही विवाद का पूर्ण समाधान निकल आएगा और नगरासू में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।

