राहुल गांधी
देहरादून के राजपुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने खुद को राहुल गांधी का करीबी और पीए बताकर एक महिला से करीब 25 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने राजनीतिक संपर्क और प्रभाव का झांसा देकर महिला को अपने जाल में फंसाया और बड़ी रकम ऐंठ ली।
पीड़िता भावना पांडेय, जो पिनाकल रेजीडेंसी की निवासी हैं, ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर खुद को बड़े राजनीतिक नेटवर्क से जुड़ा बताया। इनमें से एक व्यक्ति ने अपना नाम कनिष्क बताते हुए खुद को राहुल गांधी का निजी सहायक (पीए) बताया। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर स्पीकर फोन पर कई राजनीतिक नामों से बातचीत भी कराई, जिससे महिला को उनकी बातों पर यकीन हो गया।
आरोप है कि जालसाजों ने महिला को बताया कि देहरादून के एक पांच सितारा होटल में कई विधायक ठहरे हुए हैं और उनके खर्चों के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है। इसके बदले महिला को भविष्य में राजनीतिक लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसी भरोसे में आकर महिला ने 13 अप्रैल 2026 को अलग-अलग माध्यमों से कुल करीब 25 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इसमें बैंक ट्रांसफर और नकद भुगतान दोनों शामिल थे।
पीड़िता के अनुसार, पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार बहाने बनाते रहे और धीरे-धीरे संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद खुद को ठगा महसूस करते हुए महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने खुद को विभिन्न राज्यों के नेताओं और विधायकों से जुड़ा बताया था, जिससे उनकी विश्वसनीयता और बढ़ गई।
राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। साथ ही बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि साइबर और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए ठगी करने वाले गिरोह किस तरह आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और संदिग्ध कॉल या प्रस्तावों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

