दुष्यंत गौतम
देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मामले में कथित वीआईपी के नाम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समर्थकों के साथ गांधी पार्क पहुंचे और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मौन उपवास किया।
कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता की ओर से मामले में कथित वीआईपी के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बावजूद अब तक सीबीआई जांच नहीं कराई गई। पार्टी ने सवाल उठाया कि मामले से जुड़े सवालों का समाधान किए बिना दुष्यंत गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का फैसला क्यों लिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने इस नियुक्ति पर विरोध जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की। पार्टी का कहना है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में उठ रहे सवालों की जांच नहीं होती, तब तक प्रकरण से जुड़े संदेह दूर नहीं होंगे। कांग्रेस ने सीबीआई जांच को लेकर अपनी मांग दोहराई और सरकार से जवाब मांगा।
इसी मांग को लेकर गणेश गोदियाल ने गांधी पार्क में मौन उपवास किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और मामले में उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग उठाई। हालांकि, दुष्यंत गौतम को लेकर लगाए गए आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए; उपलब्ध खबर में उनके खिलाफ किसी निष्कर्ष या दोषसिद्धि का उल्लेख नहीं है।
वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई अभद्र टिप्पणी के मुद्दे पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा महानगर कार्यालय में कर्नल अजय कोठियाल ने प्रेस वार्ता कर इस विषय पर अपनी बात रखी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड और राज्यपाल नियुक्ति को लेकर कांग्रेस के विरोध के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि मामले की जांच और सीबीआई की मांग को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

