देहरादून में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की वारदात में नया खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना को अंजाम देने में घरेलू सहायक अकेला नहीं था। उसके बुलाने पर कुछ अन्य लोग भी रात के समय घर पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों के बेहोश होने के बाद आरोपियों ने करीब एक घंटे तक घर में रहकर सामान खंगाला और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि वारदात रात करीब एक बजे हुई। उस समय घर में पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटा शुभम मौजूद थे। परिवार के मुताबिक, घरेलू सहायक को करीब 25 दिन पहले ही काम पर रखा गया था। आरोप है कि उसने परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ खिलाकर या पिलाकर बेहोश कर दिया।
परिवार के सदस्य बेहोश होने के बाद नौकर ने कथित तौर पर अपने साथियों को घर के अंदर बुलाया। इसके बाद सभी ने करीब एक घंटे तक घर में रहकर घर का सामान खंगाला। आरोपियों ने कीमती सामान लेकर वहां से निकलने की योजना बनाई और वारदात के बाद सभी अलग-अलग दिशाओं में चले गए।
इससे पहले सामने आया था कि नेपाल निवासी इस घरेलू सहायक को पार्षद की बेटी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से करीब 25 दिन पहले काम पर रखा था। पुलिस अब उसके पहचान और पते से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन की भी जांच कर रही है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से घर पहुंचे और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।
इसके अलावा फरार घरेलू सहायक के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

