चमोली के आदिबदरी क्षेत्र में आईटीबीपी जवान पंकज सिंह कठैत के निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है। 37 वर्षीय पंकज सिंह कठैत पुत्र कुंवर सिंह कठैत का बीते सोमवार को हृदयाघात के चलते निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में मातम छा गया।
सोमवार सुबह नोएडा से सेना के वाहन से जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव नगली पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर घर के आंगन में पहुंचा, परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। मां शोभा देवी और पत्नी संतोषी देवी अपने बेटे और जीवनसाथी को तिरंगे में लिपटा देखकर बेसुध हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
जवान के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी गांव पहुंचे। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल बेहद गमगीन नजर आया। लोगों ने नम आंखों से जवान को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार को ढांढस बंधाया।
इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए सिमली घाट ले जाया गया। गांव से करीब 20 किलोमीटर की यात्रा के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। गौचर से पहुंचे आईटीबीपी के जवानों की टुकड़ी ने सैन्य सम्मान के साथ दिवंगत जवान को अंतिम विदाई दी।
प्लाटून कमांडर दर्शन लाल के नेतृत्व में आईटीबीपी जवानों ने शोक धुन बजाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जवानों ने हथियार उल्टे कर शोक व्यक्त किया और हवा में गोलियां दागकर सैन्य सम्मान दिया। इस दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और गम के भाव से भर गया।
क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल भी अंतिम संस्कार में पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अंतिम संस्कार के दौरान जवान के छोटे भाई नीरज ने अपने भाई को मुखाग्नि दी। यह पल परिवार और वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए बेहद भावुक करने वाला रहा।
पंकज सिंह कठैत के निधन से आदिबदरी क्षेत्र ने एक जवान को खो दिया है। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर और सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। देश की सेवा में तैनात रहे पंकज सिंह कठैत को लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

