सिक्किम में एनएचपीसी की टनल परियोजना में हुए दर्दनाक हादसे ने उत्तराखंड के चमोली जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। पीपलकोटी क्षेत्र के गुनियाला गांव के युवा इंजीनियर प्रवीन नेगी की इस हादसे में मौत हो गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण और उनके मित्र इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
प्रवीन नेगी अपने सरल स्वभाव, मेहनत और कार्य के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एचसीसी की मायापुर-पीपलकोटी परियोजना से की। इसके बाद उन्होंने देश की कई रेलवे और निर्माण परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दीं। हाल के वर्षों में वह सिक्किम में एनएचपीसी की सुरंग परियोजना में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे, जहां ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में उनकी जान चली गई।
प्रवीन की असमय मौत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कम उम्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई थी। गांव के लोगों ने उन्हें एक मेहनती, जिम्मेदार और मिलनसार युवा बताया, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे।
इस हादसे ने एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रवीन नेगी के निधन से उनके परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों में गहरा शोक है। हर कोई उन्हें नम आंखों से याद कर रहा है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना कर रहा है।

