हरिद्वार को धार्मिक, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के लिहाज से नई पहचान देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है। अपने हरिद्वार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 235 करोड़ रुपये की लागत वाली गंगा कॉरिडोर की तीन प्रमुख विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने आगामी कांवड़ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
सीसीआर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में कांवड़ मेले के दौरान आने वाले शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने बिजली, पेयजल, सड़क, यातायात, सुरक्षा, घाटों की सफाई, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही इस बार महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग शौचालयों की व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन के सहयोग से कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाया जाएगा। उन्होंने शिवभक्तों से भी यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों का व्यापक विकास किया जाएगा। इसमें रोड़ीबेलवाला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर 58.84 करोड़ रुपये, हरकी पैड़ी के सौंदर्यीकरण पर 66.76 करोड़ रुपये, उत्तरी हरकी पैड़ी विकास कार्य पर 66.34 करोड़ रुपये तथा प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास पर 43.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि गंगा कॉरिडोर के निर्माण से हरिद्वार में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहर का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरिद्वार को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करना है। आने वाले समय में यह परियोजना श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगी।

