उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इस बीच देहरादून जिले से सामने आए आंकड़ों ने सबका ध्यान खींचा है। प्रदेश में सबसे अधिक करीब 1.89 लाख नाम देहरादून की मतदाता सूची से हटाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर जिले में मतदान केंद्रों यानी पोलिंग बूथों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों और आम नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
देहरादून के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल, सर्विस वोटर सूची, एएसडी वोटर सूची और सभी मतदान केंद्रों की जानकारी उपलब्ध कराई। यह जानकारी हार्ड कॉपी के साथ-साथ पेन ड्राइव के माध्यम से भी राजनीतिक दलों को सौंपी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार देहरादून जिले में कुल 11 लाख 90 हजार 805 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 9,369 सर्विस वोटर और 10,130 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे और मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकें।
इस बार जिले में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले देहरादून में 1,882 पोलिंग बूथ थे, लेकिन नए अनुमोदन के बाद अब इनकी संख्या बढ़कर 2,045 हो गई है। प्रशासन का मानना है कि बूथों की संख्या बढ़ने से मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम होगी और मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची का गंभीरता से परीक्षण करें। यदि किसी मतदाता का नाम गलत दर्ज है, छूट गया है या किसी प्रकार की अन्य त्रुटि दिखाई देती है, तो उसकी जानकारी तत्काल निर्वाचन कार्यालय को दें, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।
निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त तक का समय निर्धारित किया है। इस अवधि में कोई भी पात्र नागरिक अपने नाम को जोड़ने, हटाने या संशोधित कराने के लिए संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, बीएलओ अथवा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकता है। आयोग 11 सितंबर तक सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण करेगा, जबकि 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में बीएलए-2 की नियुक्ति का मुद्दा भी सामने आया। जिलाधिकारी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने 35 मतदान केंद्रों, कांग्रेस ने 103 और सीपीआई(एम) ने 1,394 मतदान केंद्रों पर अभी तक अपने बीएलए-2 नियुक्त नहीं किए हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी ने किसी भी मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की नियुक्ति नहीं की है।
प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची की जांच अवश्य करें और यदि कोई त्रुटि मिले तो निर्धारित समय के भीतर उसका सुधार कराएं। क्योंकि एक सही और पारदर्शी मतदाता सूची ही निष्पक्ष एवं विश्वसनीय चुनाव की सबसे मजबूत नींव मानी जाती है।

