उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने वर्दीधारी सिपाही पदों पर भर्ती से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। कार्मिक विभाग ने “उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती चयन प्रक्रिया (संशोधन) नियमावली-2026” की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब कई विभागों में लंबे समय से रुकी भर्तियों का रास्ता भी साफ हो गया है।
सरकार के इस फैसले के तहत वर्दीधारी पदों पर भर्ती के लिए लागू एकीकृत नियमावली में अधिकतम आयु सीमा को लेकर विशेष छूट दी गई है। अब 31 दिसंबर 2028 तक अधिकांश विभागों में भर्ती संबंधित सेवा नियमावली के पुराने प्रावधानों के अनुसार ही होगी। यानी जिन युवाओं के लिए नई आयु सीमा के कारण भर्ती के अवसर सीमित हो रहे थे, उन्हें अब राहत मिलेगी।
हालांकि यह छूट सभी पदों पर लागू नहीं होगी। उप निरीक्षक (पुलिस एवं अभिसूचना), प्लाटून कमांडर, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी और वन दरोगा जैसे पदों पर पूर्व निर्धारित नियम ही लागू रहेंगे। जबकि अग्निशामक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और प्रवर्तन सिपाही जैसे पदों पर संशोधित व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक जनवरी 2029 से सभी विभागों में एक समान नियम लागू कर दिए जाएंगे।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया के साथ शारीरिक मानकों को भी स्पष्ट कर दिया है। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग ऊंचाई, सीने की माप, वजन और शारीरिक दक्षता परीक्षा के मानक निर्धारित किए गए हैं। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 45 किलोग्राम वजन अनिवार्य होगा। वहीं पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए दौड़, लंबी कूद, शटल रेस और अन्य शारीरिक परीक्षणों को अनिवार्य रखा गया है। किसी भी एक परीक्षा में असफल होने पर अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों के अभ्यर्थियों और अनुसूचित जनजाति वर्ग को नियमानुसार विशेष छूट भी मिलेगी।
सरकार के इस फैसले से लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि संशोधित नियमों के बाद विभिन्न विभागों में लंबित भर्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।

