देहरादून में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 और कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में चयनित कुल 187 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्य सेवक सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में नवचयनित अधिकारियों के चेहरे पर सफलता की खुशी और नई जिम्मेदारी का उत्साह साफ दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास और जनसेवा के प्रति एक मजबूत संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी पद अधिकार का नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम होता है। इसलिए सभी अधिकारी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। इससे युवाओं का विश्वास भर्ती प्रक्रिया में और मजबूत हुआ है।
उन्होंने बताया कि बीते साढ़े चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। सरकार आगे भी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से संविधान की मर्यादा का पालन करते हुए किसी भी दबाव या पक्षपात से मुक्त होकर जनहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवचयनित अधिकारी अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भावना के बल पर जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। समारोह के दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने भी सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करने का संकल्प लिया।

