देश के महान निशानेबाज और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को देहरादून पहुंचे। उन्होंने जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
देहरादून में आयोजित त्रयोदशी संस्कार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्गीय जसपाल राणा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया और कहा कि देश ने एक ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को खो दिया है जिसने अपने खेल कौशल से भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक खजान दास, सांसद अजय भट्ट, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी और अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने जसपाल राणा के योगदान को याद करते हुए उन्हें भारतीय खेल जगत की अमूल्य धरोहर बताया।
जसपाल राणा का 12 जून को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। जानकारी के अनुसार जर्मनी से लौटने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया था।
उत्तरकाशी जिले के रहने वाले जसपाल राणा ने निशानेबाजी में देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाए। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। एक सफल खिलाड़ी के साथ-साथ वे उत्कृष्ट कोच भी रहे। उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीतने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर को भी प्रशिक्षण दिया था।
जसपाल राणा का परिवार भी खेल जगत से जुड़ा रहा है। उनकी पत्नी रीना राणा राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज रही हैं, जबकि बेटी देवांशी राणा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उनके निधन से खेल जगत, उत्तराखंड और पूरे देश में शोक की लहर है। त्रयोदशी संस्कार के दौरान मौजूद लोगों ने नम आंखों से उन्हें याद किया और उनके योगदान को सदैव प्रेरणास्रोत बताया।

