रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में पिछले चार दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे सभी निहंग सोमवार को नीचे उतर आए। प्रशासन, पुलिस और पंजाब से पहुंचे निहंग जत्थे के साथ हुई वार्ता के बाद मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल सका।
दरअसल, गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच हुए विवाद के बाद सात निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर चले गए थे और वहीं डटे हुए थे। प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर रहा था ताकि स्थिति को बिना किसी टकराव के सुलझाया जा सके। रविवार देर रात एक निहंग नीचे उतरा था, जबकि सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए नीचे आए। इसके बाद दोपहर तक बाकी चार निहंग भी गुरुद्वारे से बाहर आ गए।
जानकारी के अनुसार, पंजाब से पहुंचे निहंग जत्थे ने भी वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद सभी पक्ष समाधान पर सहमत हुए। निहंगों के नीचे आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और सुरक्षा व्यवस्था को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
विवाद के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन ने आरोप लगाया था कि ऊपरी मंजिलों पर मौजूद निहंगों ने भवन के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की और क्षतिग्रस्त सामग्री का उपयोग अपने बचाव के लिए किया। वहीं सोमवार सुबह भोजन लेने आए एक निहंग को पुलिस ने रोक लिया था, जिसके दौरान छत पर मौजूद अन्य निहंगों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने की भी सूचना सामने आई थी। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा और किसी बड़े टकराव को होने नहीं दिया।
सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियां तैनात रहीं।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया गया है और अब क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, जबकि गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही धीरे-धीरे बहाल की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

