दिल्ली अग्निकांड
देहरादून। दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित हादसों को रोकने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विशेष फायर सेफ्टी अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच की जा रही है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार जनवरी से मई 2026 तक देहरादून जिले में कुल 666 भवनों और संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया गया। आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 96, फरवरी में 97, मार्च में 145, अप्रैल में 127 और मई माह में सर्वाधिक 201 भवनों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों में खामियां पाई गईं।
विभाग ने बताया कि करीब पांच प्रतिशत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित संस्थानों और भवन स्वामियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक फायर सेफ्टी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अभिनव त्यागी ने बताया कि दिल्ली की घटना के बाद शासन और मुख्यालय स्तर पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत देहरादून में भी व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमें लगातार विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान की दैनिक रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी मानकों की प्रभावी निगरानी की जा सके। विभाग का मुख्य उद्देश्य आग लगने की घटनाओं को रोकना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अग्निशमन विभाग ने भवन स्वामियों, होटल संचालकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने यहां लगे फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच कराएं और उन्हें कार्यशील अवस्था में रखें। साथ ही कर्मचारियों को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाए।

