खैरना चौकी
नैनीताल जिले के खैरना चौकी क्षेत्र में युवक बालम सिंह बिष्ट की आत्महत्या के मामले में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पूरी खैरना चौकी को सस्पेंड करते हुए सभी कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। मृतक की बहन की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार बेतालघाट क्षेत्र के लोहाली गांव निवासी बालम सिंह बिष्ट 28 अप्रैल को खैरना इलाके में नदी और पहाड़ी का वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। पुलिस ने युवक का मेडिकल कराया, जिसमें शराब के नशे में होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस एक्ट में चालान कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।
परिजनों का आरोप है कि घर लौटते समय बालम ने अपनी बहन मुन्नी जलाल और जीजा को फोन कर बताया था कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि उसका सिम कार्ड तोड़ दिया गया और उससे पांच हजार रुपये भी छीन लिए गए। परिवार का कहना है कि इसी मानसिक तनाव के चलते युवक ने आत्महत्या कर ली।
मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसी आधार पर मृतक की बहन मुन्नी जलाल ने मुकदमा दर्ज कराया। मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी ने खैरना चौकी प्रभारी रमेश पंत सहित एक महिला पुलिसकर्मी समेत कुल पांच कर्मियों को चौकी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया है। साथ ही चौकी में नई तैनाती भी कर दी गई है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि मामले की विवेचना निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मृतक की बहन मुन्नी जलाल ने परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भी लोगों के बीच नाराजगी और चर्चा का माहौल बना हुआ है।

