रुद्रप्रयाग : केदारनाथ के साथ ही पंच केदारों में तृतीय केदार माने जाने वाले तुंगनाथ महादेव मंदिर के कपाट भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खोल दिए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री Pपुष्कर सिंह धामी ने चारधाम और पंच केदार यात्रा पर आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।
तुंगनाथ धाम की उत्सव डोली 20 अप्रैल को मक्कूमठ से रवाना होकर विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए आज धाम पहुंची, जिसके बाद विधि-विधान के साथ कपाट खोले गए।
समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ मंदिर विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में शामिल है। यह पंच केदारों में तीसरे स्थान पर आता है और भगवान शिव की भुजाओं के रूप में पूजित है।
मान्यता है कि महाभारत के बाद पांडवों ने यहां भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तप किया था। मंदिर की प्राचीन पत्थर शैली और इसकी आध्यात्मिक आभा श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है।
धाम के पास स्थित चंद्रशिला शिखर भी पर्यटकों और ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है, जहां से हिमालय की ऊंची चोटियों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।
कपाट खुलने के साथ ही अब चारधाम और पंच केदार यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है और देश-विदेश से श्रद्धालुओं का उत्तराखंड पहुंचना लगातार जारी है।

