चमोली जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जंगलों में आग ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले तीन दिनों से केदारूखाल, सिनखाल, बस्क्वाली और बैनीताल मोटर मार्ग से सटे जंगल लगातार जल रहे हैं।
बद्रीनाथ वन प्रभाग के चमोली रेंज के लासी और चूलाकोट सिमली क्षेत्र में भी बुधवार को आग भड़क उठी। प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि आग को बुझाने के लिए वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गर्मी और हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे पूरी तरह नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण है। जंगलों में आग की वजह से आसपास के इलाकों में धुआँ छाया हुआ है, जिससे लोगों की आवाजाही और जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीण भी आग बुझाने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि जंगल में आग के कारण पेड़-पौधों, चराई के इलाकों और वन्यजीवों को नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से अनुरोध किया है कि स्थिति पर जल्दी नियंत्रण पाया जाए और प्रभावित इलाकों की सुरक्षा के उपाय किए जाएँ।
वन विभाग ने आग प्रभावित इलाकों में तात्कालिक सुरक्षा उपाय किए हैं और ग्रामीणों को आग से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामान्य हैं, लेकिन समय पर सतर्कता और प्रयास से इसका बड़ा नुकसान रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चमोली और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के साथ जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इस कारण वन विभाग ने आगामी दिनों के लिए अतिरिक्त टीम और उपकरण तैनात किए हैं ताकि आग पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सके।
स्थानीय लोग और वन विभाग मिलकर लगातार आग को रोकने में जुटे हैं, लेकिन हवा और जंगलों की घनी झाड़ियों के कारण आग पर पूरी तरह काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

