मीडिया कॉन्क्लेव
जिज्ञासा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन द्वारा मंगलवार को “भारत में बदलता मीडिया परिदृश्य: चुनौतियां, अवसर और नवाचार” विषय पर राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर से आए मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और छात्रों ने मीडिया के बदलते स्वरूप पर गहन चर्चा की, साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडियाकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) गोविंद सिंह, चेयरमैन, मीडिया एडवाइजरी कमेटी, उत्तराखंड सरकार ने कहा कि आज मीडिया तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ रहा है। सूचना का प्रसार पहले से कहीं अधिक तेज हुआ है, लेकिन इसके साथ फेक न्यूज और विश्वसनीयता की चुनौती भी बढ़ी है। उन्होंने मीडिया संस्थानों और पेशेवरों से तकनीकी नवाचार अपनाने और निष्पक्ष पत्रकारिता को बनाए रखने की अपील की। साथ ही युवाओं को जिम्मेदार और सजग मीडिया प्रोफेशनल बनने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि जिज्ञासा यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) इरफान खान और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य मनीष रस्तोगी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया के बदलते स्वरूप को समझना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सत्यता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए अपने करियर का निर्माण करना चाहिए, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) शंकर रामामूर्ति ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एआई ने कंटेंट निर्माण को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बना दिया है। यह तकनीक मीडिया और संचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है और रचनात्मकता को नई दिशा दे रही है।
स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के डीन प्रोफेसर (डॉ.) सुरेश चंद्र नायक ने मीडिया एथिक्स और लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार मीडिया बेहद जरूरी है।
कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, बदलते मीडिया ट्रेंड्स और एआई के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी तेजी से बदल रहे हैं और अब सभी माध्यमों के एकीकरण की आवश्यकता है। गुणवत्ता युक्त और विश्वसनीय कंटेंट को भविष्य की मीडिया की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडियाकर्मियों को सम्मानित किया गया। रजिस्ट्रार इंचार्ज डॉ. योगेश नंदा ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि कार्यक्रम का संयोजन नवनीश भारद्वाज और राहुल गैरोला ने तथा संचालन सोनिया चमोली ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
