ऋषिकेश में इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण तैयार हो गया है। मुनि की रेती क्षेत्र में बना नया बजरंग सेतु अब लगभग पूरी तरह तैयार है और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
इस नए पुल की सबसे बड़ी खासियत इसका कांच का फर्श है। पुल के दोनों किनारों पर पारदर्शी कांच से बने फुटपाथ तैयार किए गए हैं, जिन पर चलते हुए लोग नीचे बहती गंगा नदी की लहरों का सुंदर दृश्य देख सकेंगे। यह अनुभव पर्यटकों के लिए काफी रोमांचक होने वाला है।
बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण साल 2022 में शुरू किया गया था। यह पुल लगभग 132 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा है। इसके निर्माण पर करीब 69 करोड़ रुपये की लागत आई है। पुल के दोनों ओर बनाए गए प्रवेश द्वारों को केदारनाथ धाम की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जिससे यह धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी आकर्षक बन गया है।
बजरंग सेतु पर सिर्फ पैदल यात्री ही नहीं, बल्कि हल्के चौपहिया वाहन भी गुजर सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
पुल को शुरू करने से पहले 24 और 25 अप्रैल को इसकी तकनीकी जांच की जाएगी। इस दौरान पुल की मजबूती, हवा और तापमान को सहने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अगले चरण में इसकी भार वहन क्षमता की भी जांच होगी। सभी परीक्षण सफल होने के बाद ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
यह नया पुल खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पास में स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल को अप्रैल 2022 में सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था। विशेषज्ञों की रिपोर्ट में बताया गया था कि पुल की तारें कमजोर हो चुकी थीं और लगातार उपयोग से खतरा बढ़ गया था।
लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में बजरंग सेतु को एक बड़े विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल आवागमन को आसान बनाएगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही पुल को खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव मिलेगा और ऋषिकेश में पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

