देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में निर्माणाधीन और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और पहाड़ी क्षेत्रों के समग्र विकास पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेल टनलों के साथ बनने वाली एस्केप टनलों को भविष्य में समानांतर सड़कों (पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाए। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन में बनी एस्केप टनलों के उपयोग को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सरकार ने कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन विस्तार की संभावना पर भी अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं…ताकि कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया जाए। इस परियोजना के तहत विभिन्न वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को जोड़ने की संभावना तलाशी जा सके। निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास इंटीग्रेटेड प्लान तैयार कर स्थानीय बाजार विकसित किए जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष प्रावधान होंगे। लोगों को होमस्टे और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।

परियोजनाओं की प्रगति
बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना का लगभग 72.5% कार्य पूरा हो चुका है…जबकि टनल निर्माण का 95% से अधिक काम पूरा हो गया है। इस परियोजना में कुल 28 टनल बनाई जा रही हैं…जिनमें 16 मुख्य और 12 एस्केप टनल शामिल हैं। विभिन्न स्टेशनों का निर्माण धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर किया जा रहा है।
