चकराता (उत्तराखंड) : मंगलवार को गांव में एक विशेष बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता स्याणा विजय सिंह नेगी ने की। बैठक में ग्रामीणों ने सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने और शादी समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए कई अहम निर्णय लिए।
बैठक में तय किया गया कि जो भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर 10,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। अब शादी समारोह में शराब परोसना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। दहेज में लड़की को केवल पांच वस्तुएं दी जा सकेंगी और मामा पक्ष की ओर से केवल एक बकरा लिया जाएगा।
साथ ही तय हुआ कि लड़की की बारात में केवल पांच लड़कियां ही शामिल हो सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति शादी गांव के बाहर या वेडिंग प्वाइंट पर करता है, तो समस्त खर्च – वाहन, ठहरने और खाने का – संबंधित परिवार को वहन करना होगा।
ग्रामवासियों ने यह भी निर्णय लिया कि शादी-विवाह, बिस्सू मेला और अन्य सामूहिक पर्वों में महिलाओं को केवल पारंपरिक आभूषण पहनने की अनुमति होगी – जैसे कान के झुमके, नाक की फूली, मंगलसूत्र और अंगूठी। रहणी भोज में महिलाओं को दिए जाने वाले कपड़े और धनराशि सीमित रखी जाएगी – अधिकतम 101 रुपये।
शादी में भोजन के बाद केवल एक मिठाई परोसी जाएगी। समारोह में दिखावटी फिजूलखर्ची पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। सामाजिक अनुशासन मजबूत करने के लिए शराब और नशीले पदार्थों का सेवन भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
फिर भी शहनाई और बैंड-बाजा की अनुमति दी गई है, लेकिन इसकी समय सीमा रात 1 बजे तक तय की गई।

बैठक में ग्रामीणों के साथ चतर सिंह, आनंद सिंह नेगी, अमर सिंह, प्रदीप, शिवा, निकेश आर्य, ध्यानू, गुड्डू सरदार सिंह, खजान सिह, सीना सिंह, इंदर सिंह, केदार सिंह, गुमान सिंह आदि उपस्थित रहे।
