सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना
देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य की एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को अगले महीने से लागू किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है, जबकि 331 अन्य पात्र महिलाओं की सूची को भी जल्द अंतिम रूप दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को दो लाख रुपये की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी।
बैठक में मंत्री ने नंदा गौरा योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के 11 जिलों की लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इनमें 34,852 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राएं और 6,021 नवजात बालिकाएं शामिल हैं। इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी के पहले सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंत्री ने शेष दो जिलों की लाभार्थी सूची भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में भी अहम फैसला लिया गया। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक अप्रैल से सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। साथ ही भविष्य में इस राशि को और बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है।
इसके अलावा सरकार वृद्ध महिलाओं के लिए एक नई योजना लाने की तैयारी कर रही है। मंत्री के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और भावनात्मक संबल प्रदान करना है। योजना का स्वरूप तय करने के लिए अधिकारी गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे करेंगे और उनके सुझावों के आधार पर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
