
विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी इस समय अपने पूरे सौंदर्य पर है। जुलाई और अगस्त के महीने में यहां फूलों की सबसे अधिक प्रजातियाँ खिलती हैं, और इसी कारण से इन महीनों में पर्यटकों की आमद भी सबसे अधिक होती है। इस बार खास बात यह है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फूलों की घाटी एक जून से पर्यटकों के लिए खोली गई थी और अब तक कुल 9,443 पर्यटक घाटी की सैर कर चुके हैं। इनमें 243 विदेशी पर्यटक शामिल हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुनी संख्या है। वर्ष 2024 में इसी अवधि में केवल 112 विदेशी पर्यटक घाटी में पहुंचे थे। कुल मिलाकर इस साल की पर्यटक संख्या पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रही है। वर्ष 2024 की समान अवधि में कुल 8,751 पर्यटक घाटी पहुंचे थे।
फिलहाल घाटी में 300 से अधिक प्रजातियों के फूल खिले हैं, जिनकी खूबसूरती हर आने वाले को मंत्रमुग्ध कर रही है। घाटी के प्राकृतिक ढलानों पर फैले रंग-बिरंगे फूलों के दृश्य किसी चित्रपटल की तरह नजर आते हैं। यही कारण है कि ना सिर्फ देश, बल्कि दुनिया के कोने-कोने से लोग इन नजारों को देखने खिंचे चले आ रहे हैं।
फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी से विभाग की आय में भी इजाफा हुआ है। पिछले साल दो महीनों में जहां विभाग को 17 लाख 61 हजार 50 रुपये की आय हुई थी, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 20 लाख 25 हजार 850 रुपये पहुंच गई है। यह संकेत है कि घाटी की लोकप्रियता और पर्यावरणीय पर्यटन की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे घाटी की जैव विविधता की रक्षा करें और प्लास्टिक जैसी सामग्री का उपयोग न करें, जिससे इस अद्भुत धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखा जा सके।