मौसम
उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी के तेवर तेज होने लगे हैं। मैदान से लेकर पहाड़ी इलाकों तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में छह मार्च तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन सात मार्च से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है।
देहरादून समेत कई इलाकों में दिनभर तेज धूप खिलने के कारण तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले कुछ दिनों में तापमान में छह से सात डिग्री तक की बढ़ोतरी देखी गई है। बीते रविवार को दून का अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग छह डिग्री अधिक है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के पहले सप्ताह में इतनी अधिक गर्मी असामान्य मानी जा रही है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च की शुरुआत में इतना अधिक तापमान शायद ही कभी दर्ज हुआ हो। विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी और फरवरी में अपेक्षित बारिश न होने की वजह से भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न का असर भी अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। इसी कारण मार्च के महीने में ही गर्मी का प्रभाव पहले से अधिक महसूस किया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो इस वर्ष मार्च का महीना गर्मी के नए रिकॉर्ड भी बना सकता है।

हालांकि राहत की बात यह है कि सात मार्च के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार उस समय बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे तापमान में आंशिक गिरावट देखने को मिल सकती है।
फिलहाल प्रदेश में बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दिन के समय तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को धूप से बचाव करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में मौसम के उतार-चढ़ाव पर सभी की नजर बनी हुई है।
