रुद्रपुर : उत्तरकाशी में उगाया जाने वाला लाल चावल अब उत्तराखंड से बाहर भी अपनी पहचान बना रहा है। बेहतर गुणवत्ता, पोषण से भरपूर गुण और जैविक खेती के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से इसके ऑर्डर मिलने लगे हैं, जिससे किसान और स्वयं सहायता समूह उत्साहित हैं।
रुद्रपुर के गांधी पार्क में चल रहे सरस कार्निवल मेले में लाल चावल की भारी मांग देखी जा रही है। खासतौर पर शुगर के मरीज इसे खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। मेले में इसकी कीमत 150 से 200 रुपये प्रति किलो रखी गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लाल चावल में आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। किसान इसकी जैविक खेती कर रहे हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता और स्वाद बेहतर रहता है।

स्थानीय समूह अब इसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान दे रहे हैं। उत्पादक रंजना सिंह के अनुसार लाल चावल, जिसे कुर्ला भी कहा जाता है, किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
