
उत्तराखंड में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर चारधाम यात्रा को प्रभावित कर दिया है। खासकर यमुनोत्री हाईवे पर स्याना चट्टी के पास भूस्खलन और सड़क धंसने के कारण दूसरे दिन भी यात्रा पूरी तरह बंद रही। हाईवे का करीब 25 मीटर हिस्सा धंस गया है, जिससे आवागमन असंभव हो गया है। विभागीय अधिकारी मनोज रावत ने बताया कि मलबा हटाने और सड़क की बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
वहीं केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित रही। रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे मुनकटिया में अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने एहतियातन 4 हजार से अधिक यात्रियों को सोनप्रयाग में रोक दिया। बाद में मौसम में कुछ सुधार होने पर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और पूर्वाह्न 11 बजे यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। हालांकि शाम पांच बजे पुनः खराब मौसम के चलते यात्रा को फिर रोकना पड़ा।
गंगोत्री और बदरीनाथ हाईवे पर भी बारिश का असर देखने को मिला। गंगोत्री मार्ग पर साढ़े चार घंटे और बदरीनाथ मार्ग पर दो घंटे आवागमन बाधित रहा। इस दौरान कई स्थानों पर बोल्डर और मलबा आने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं। गौरीकुंड पैदल मार्ग भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है, जहां एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने सुरक्षा के बीच यात्रियों को जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली जैसे खतरनाक इलाकों से पार कराया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि यात्रा का संचालन पूरी सतर्कता और सुरक्षा के साथ किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। लगातार हो रही बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में खतरा बना हुआ है। चारधाम यात्रा पर संकट के इस दौर में प्रशासन चौकस है लेकिन प्राकृतिक आपदा की अनिश्चितता बनी हुई है।