
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस चरण में कुल 4679 मतदान केंद्रों के तहत 5823 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इनमें से 1531 मतदान स्थल संवेदनशील और 533 अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के तहत 18,000 से अधिक पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है।
मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने चुनाव सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के पुलिस प्रभारी जुड़े रहे। डीजीपी ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में है, इसलिए हरिद्वार और आसपास तैनात पुलिस बल को चुनाव ड्यूटी के लिए तत्पर रखा जाए और समय पर ड्यूटी स्थल पर पहुंचने को कहा जाए।
डीजीपी ने अधिकारियों को आचार संहिता के पालन में कोई लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जहां चुनाव बहिष्कार जैसी सूचनाएं आ रही हैं, वहां जिला प्रशासन के साथ मिलकर तुरंत समाधान निकालें। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर भी निगरानी बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अति संवेदनशील बूथों का निरीक्षण स्वयं जिला पुलिस प्रमुख करें और समय-समय पर हालात की समीक्षा करें। इस बैठक में चुनाव नोडल अधिकारी आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी इंटेलिजेंस करन सिंह नगन्याल, आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी और आईजी कार्मिक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहे।
डीजीपी ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक 21 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब और 145 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 13.70 करोड़ रुपये है। इस दौरान कुल 20,288 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 7,682 को मुचलका पाबंद किया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन मिलकर पहले चरण के मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।