नैनीताल: नैनीताल जिले में सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या और आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष के बच्चों के निजी स्कूलों की ओर रुख करने से शासन की चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को सुधारने के लिए अब बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है।
शासन ने तय किया है कि भविष्य में नए आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसरों के भीतर ही स्थापित किए जाएंगे। साथ ही कोई भी नया प्राथमिक विद्यालय तब तक स्वीकृत नहीं किया जाएगा जब तक उस परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था न हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों का छह वर्ष की आयु के बाद सीधे प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश हो सके।
विद्यालय परिसरों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल मैदान भी विकसित किए जाएंगे। इससे शुरुआती शिक्षा से लेकर प्राथमिक स्तर तक बच्चों को एक ही शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
जिले में बिना चिकित्सकीय परामर्श के मेडिकल स्टोरों द्वारा एंटीबायोटिक दवाएं दिए जाने के मामलों पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रभारी सचिव ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री न हो।

फार्मासिस्टों को भी स्पष्ट हिदायत दी जाएगी कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित करें। यह कदम एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के खतरे को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
