
उत्तराखंड शासन ने रविवार को एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल में चार आईएएस (IAS), दो पीसीएस (PCS) और पांच सचिवालय सेवा के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है, जिससे प्रदेश की नौकरशाही में एक बार फिर हलचल मच गई है।
शासन की इस कार्यवाही को प्रशासनिक सुचारुता, नीतिगत प्राथमिकताओं और बेहतर कार्य निष्पादन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले शनिवार को भी चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे।
फेरबदल की प्रमुख नियुक्तियां:
- आईएएस दीपक रामचंद्र को संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी से स्थानांतरित कर संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की के पद पर भेजा गया है।
- आईएएस राहुल आनंद को संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत से संयुक्त मजिस्ट्रेट देहरादून बनाया गया है।
- आईएएस गौरी प्रभात, जो अभी तक बाध्य प्रतीक्षा में थीं, उन्हें संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- आईएएस दीक्षिता जोशी, जो पहले बाध्य प्रतीक्षा में थीं, अब उन्हें संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी का कार्यभार सौंपा गया है।
इसके अलावा, दो प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों और पांच सचिवालय सेवा अधिकारियों की भी जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। हालांकि सचिवालय कर्मियों की पूरी सूची के लिए अलग से लिंक/सूचना जारी की गई है।
क्यों किया गया यह फेरबदल?
सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक गति, क्षेत्रीय संतुलन और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे विभिन्न जिलों में चल रहे विकास कार्यों और प्रशासनिक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है प्रदेश में लगातार हो रहे इन तबादलों को आगामी रणनीतिक फैसलों और जनहित से जुड़ी प्राथमिकताओं के रूप में देखा जा रहा है। नौकरशाही में इन बदलावों से जिलों की कार्यशैली और लोगों तक योजनाओं की पहुँच में सुधार लाने की कोशिश है।