देहरादून: राज्य की राजधानी देहरादून में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कॉलेज प्रबंधन ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और पीजी हॉस्टल की व्यवस्था में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं।
अब हॉस्टल के 28 कमरों को नए सिरे से आवंटित किया जाएगा ताकि जूनियर और सीनियर छात्र अलग-अलग फ्लोर या ब्लॉकों में रहें और रैगिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और वार्डन की निगरानी मजबूत की जाएगी।
हॉस्टल में नई व्यवस्था से छात्रों को सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिलेगा। छात्रों के लिए एक शिकायत तंत्र भी विकसित किया जा रहा है, ताकि कोई भी छात्र बिना डर के अपनी समस्या बता सके।
हाल ही में कॉलेज में रैगिंग के आरोपों में एमबीबीएस के 9 छात्रों को तीन महीने के लिए निष्कासित किया गया, जिनमें से 2 छात्रों को हॉस्टल से स्थायी निष्कासन और आर्थिक दंड भी दिया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि रैगिंग रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा और अनुशासन पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
