नैनीताल: हाई कोर्ट ने अंकिता हत्याकांड से जुड़े आडियो-वीडियो प्रकरण में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने दो मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने सरकार के साथ ही हरिद्वार निवासी धर्मेंद्र कुमार और यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ को नोटिस जारी किए हैं।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ बहादराबाद, झबरेड़ा, देहरादून की नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। याचिका में राठौर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए प्राथमिकी निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी।
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने बहादराबाद थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया कि सुरेश राठौर और उर्मिला ने भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आडियो-वीडियो जारी किए। वहीं देहरादून की नेहरू कॉलोनी थाने में पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़, संचित कुमार और भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की ओर से भी राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

कोर्ट ने फिलहाल दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। पूर्व विधायक के अधिवक्ता की ओर से शेष दो प्राथमिकी को भी जल्द कोर्ट के समक्ष रखने की तैयारी की जा रही है।
