पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में शिक्षा विभाग के एक बड़े घोटाले की खबर सामने आई है। जिले के छह विकास खंडों में 55 लोग फर्जी डिप्लोमा के सहारे सहायक अध्यापक बन गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों का स्थायी निवास प्रमाणपत्र दिखाकर डीएलएड की डिग्री हासिल की और फिर उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाकर सरकारी नौकरी पाई।
जानकारी के अनुसार अधिकांश फर्जी डिप्लोमा धारक कुमाऊं मंडल के स्थायी निवासी हैं, जिनका ससुराल और मायका भी यहीं है। महिलाओं सहित कई सहायक अध्यापकों ने अलग-अलग राज्यों का स्थायी निवासी साबित कर डिग्री प्राप्त की…और इसके बाद प्रदेश में सरकारी नौकरी लेकर होनहार युवाओं के अधिकारों पर कब्जा कर लिया।
पिथौरागढ़ के विकासखंड गंगोलीहाट में 19, मुनस्यारी में 16, धारचूला में 14 और अन्य स्थानों में कुल 49 फर्जी डिप्लोमाधारियों को तैनात किया गया। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री खजान गुड्डू ने कहा कि बाहरी राज्यों से गलत तरीके से डिग्री हासिल कर प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं के हक मार रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को फर्जी तरीके से रोजगार पाने वालों की सख्त जांच करनी चाहिए।

मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पंत ने पुष्टि की कि सहायक अध्यापकों के स्थायी निवासी प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। इसके लिए एक टीम का गठन किया गया है और जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
