विकासनगर (देहरादून): देहरादून जिले के दुर्गम चकराता क्षेत्र में शुक्रवार को आग लगने की एक दर्दनाक घटना सामने आई। चकराता तहसील के गमरी गांव में देवदार की लकड़ी से बने एक पुराने तीन मंजिला मकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा मकान जलकर खाक हो गया। घर में रखा सारा घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
मकान मालिक जगत सिंह राय ने बताया कि यह मकान 70 साल से भी अधिक पुराना था और अब उनके पास रहने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया…लेकिन लकड़ी का मकान होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
क्षेत्रीय पटवारी श्याम सिंह तोमर के अनुसार आग में देवदार की लकड़ी से बना तीन मंजिला भवन पूरी तरह नष्ट हो गया। मकान में रखी ‘माफी’ की लकड़ी के करीब 40 स्लीपर भी जल गए। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। गृह स्वामी के अनुसार आग से लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

जौनसार-बावर क्षेत्र में आज भी देवदार की लकड़ी से बने पारंपरिक मकान बड़ी संख्या में मौजूद हैं, जो भूकंप रोधी होने के साथ मौसम के अनुकूल माने जाते हैं।
