हरिद्वार: ज्वालापुर क्षेत्र में अकेले रह रही एक बुजुर्ग महिला की घर में ही मौत हो गई। करीब दो सप्ताह बाद जब बेटा घर पहुंचा तो मां का शव मिला। इस घटना ने समाज में बुजुर्गों के अकेलेपन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार ज्वालापुर के आर्यनगर क्षेत्र में रहने वाली वृद्धा अपने पुश्तैनी घर में अकेले रहती थी। उनके दोनों बेटे अपने-अपने परिवार के साथ फरीदाबाद और दिल्ली में रहते हैं। एक बेटा फरीदाबाद में बैंक में कार्यरत है…जबकि दूसरे बेटे ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले रखी है।
बताया जा रहा है कि बेटा पिछले एक महीने से मां को मोबाइल पर कॉल कर रहा था…लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बुधवार को बेटा हरिद्वार पहुंचा और घर का दरवाजा बंद मिला। किसी तरह अंदर जाने पर उसने मां का शव देखा। शव काफी पुराना होने के कारण घर में दुर्गंध फैल रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। माना जा रहा है कि महिला की मौत करीब 15 दिन पहले हुई होगी।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया…जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की गई है।

पड़ोसियों के अनुसार वृद्धा अपना घर का काम खुद करती थीं और पेंशन से ही अपना खर्च चलाती थीं। वह आसपास के लोगों से कम मेलजोल रखती थीं…इसलिए कई दिनों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।
इस घटना ने बुजुर्गों के अकेलेपन और परिवार से दूरी जैसे सामाजिक मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है।
