खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने खटीमा दौरे के दौरान खेल मैदान से लेकर कॉलेज परिसर तक युवाओं के बीच खास अंदाज़ में नजर आए। खटीमा के बिरिया मझोला क्षेत्र में आयोजित ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट में पहुंचकर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी बल्ला थामकर कुछ शॉट खेलकर युवाओं को रोमांचित कर दिया।
यह क्रिकेट टूर्नामेंट नशे के खिलाफ जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित किया गया था…जिसकी मुख्यमंत्री ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। स्वर्गीय मनीष चंद की स्मृति में आयोजित इस प्रतियोगिता के फाइनल मैच का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री ने किया। इस अवसर पर मनीष चंद की माता हरकेश चंद ने मुख्यमंत्री का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री धामी तय कार्यक्रम के अनुसार चंपावत दौरे से लौटकर शाम को अपने गृह क्षेत्र खटीमा पहुंचे थे। यहां उन्होंने खटीमा महाविद्यालय में आयोजित विंटर कार्निवाल में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। छात्र संघ द्वारा पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम को उन्होंने सराहनीय पहल बताया और छात्र संघ के पदाधिकारियों को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े इस आयोजन को उन्होंने युवाओं की प्रतिभा का मंच बताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले वर्ष प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया गया और अब प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में खेल अकादमियां स्थापित की जा रही हैं, जहां करीब एक हजार खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। नई खेल नीति के माध्यम से राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है ताकि सामान्य परिवारों के बच्चे भी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपार खेल प्रतिभाएं छिपी हैं…जिन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। खटीमा दौरे के दौरान खेल, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी ने युवाओं में नया उत्साह भर दिया।
