देहरादून। डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। घर, ऑफिस, होटल, कैफे, रेलवे और बस स्टेशनों जैसी जगहों पर लोग मुफ्त वाई-फाई का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। लेकिन साइबर क्राइम पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल भारी पड़ सकता है।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में हैकर्स फर्जी या असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क तैयार कर देते हैं। जब कोई यूजर ऐसे नेटवर्क से कनेक्ट करता है, तो हैकर्स सीधे मोबाइल या लैपटॉप को हैक कर सकते हैं। इसके जरिये वे आपकी बैंकिंग जानकारी, यूपीआई, ईमेल और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा सकते हैं। कुछ मामलों में हैकर्स चुराई गई जानकारी का गलत इस्तेमाल कर ब्लैकमेल तक कर सकते हैं।
साइबर क्राइम पुलिस ने विशेष तौर पर लोगों से कहा है कि सार्वजनिक नेटवर्क का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। फ्री वाई-फाई से जुड़े हुए दौरान कभी भी ऑनलाइन पेमेंट या बैंकिंग कार्य न करें। मोबाइल या लैपटॉप में ऑटो-कनेक्ट बंद रखें ताकि डिवाइस किसी अज्ञात नेटवर्क से खुद-ब-खुद न जुड़ जाए।
इसके अलावा, नेटवर्क की विश्वसनीयता जांचने के बाद ही कनेक्ट करें। पब्लिक वाई-फाई पर आधार, बैंक डिटेल्स, पासवर्ड जैसी निजी जानकारी भरने से बचें। ईमेल या किसी भी अकाउंट का इस्तेमाल करने के बाद तुरंत लॉग आउट करें।
साइबर क्राइम के शिकार लोगों के लिए 1930 नंबर उपलब्ध है। इसके अलावा, शिकायत cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती है।

अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ ने कहा कि इस डिजिटल युग में सतर्क रहना और सुरक्षा उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी को सलाह दी कि फ्री नेटवर्क का इस्तेमाल करते समय हमेशा सावधानी बरतें और संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
