देहरादून / नई दिल्ली : हरिद्वार से सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के उन्नयन से जुड़ा प्रश्न पूछते हुए ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लिखित उत्तर में बताया कि देशभर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। राज्यों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन बढ़ाने और सेवाओं के विस्तार के लिए मंजूरी दी जाती है।
मंत्री ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में मैदानी इलाकों में 30 हजार और पर्वतीय क्षेत्रों में 20 हजार की आबादी पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का प्रावधान है। इसी तरह मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख और पर्वतीय क्षेत्रों में 80 हजार की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाता है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत देशभर में करीब 1.83 लाख स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया है। इनमें उत्तराखंड के 2,358 आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को निवारक, उपचारात्मक और पुनर्वास से जुड़ी व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में PHC झबरेड़ा और PHC बालावाला का उन्नयन कर उन्हें CHC में बदला गया है। वहीं डोईवाला स्थित CHC को उप-जिला अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए उत्तराखंड को वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल 797.09 करोड़ रुपये का स्वास्थ्य अनुदान स्वीकृत किया गया है।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड में स्वास्थ्य अवसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र सहित पूरे राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार काम कर रही हैं और भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
