श्री झंडे जी
देहरादून के ऐतिहासिक श्री दरबार साहिब में रविवार को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ श्री झंडे जी का आरोहण किया गया। इसी के साथ प्रसिद्ध श्री झंडे जी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। आस्था और विश्वास के इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु दून पहुंचे और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
दोपहर करीब 4 बजकर 12 मिनट पर जयकारों और धार्मिक उल्लास के बीच 94 फीट ऊंचे श्री झंडे जी का आरोहण किया गया। जैसे ही ध्वजदंड स्थापित हुआ, श्री गुरु राम राय महाराज और श्री महंत देवेंद्र दास महाराज के जयकारों से पूरा दरबार साहिब परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर श्री झंडे जी के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर दरबार साहिब के गद्दीनशीन श्री महंत देवेंद्र दास महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ झंडे जी के स्पर्श कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
श्री झंडे जी मेले की परंपरा सदियों पुरानी है। सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हर राय जी के बड़े पुत्र श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म वर्ष 1646 में पंजाब के होशियारपुर जिले के कीरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया और यहां श्री दरबार साहिब की स्थापना की। उन्होंने लोक-कल्याण और आस्था के प्रतीक के रूप में यहां विशाल ध्वजदंड स्थापित किया, जिसकी परंपरा आज भी जारी है।
परंपरा के अनुसार हर वर्ष होली के पांचवें दिन पंचमी तिथि को श्री गुरु राम राय महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाता है और इसी अवसर पर ऐतिहासिक श्री झंडा मेला आयोजित होता है। इस बार भी बड़ी संख्या में संगतें 94 फीट ऊंचे ध्वजदंड को कंधों पर उठाकर दरबार साहिब तक लेकर पहुंचीं।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की गई। साथ ही पांच एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया, ताकि दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन सकें।

आस्था, श्रद्धा और परंपरा के इस संगम ने एक बार फिर दून नगरी को भक्ति और उल्लास के रंग में रंग दिया।
