टिहरी/घनसाली। बालगंगा घाटी के दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल होने जा रही है। उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल ने सीमांत गांव गेवाली का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया और क्षेत्र में हथकरघा प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की घोषणा की।
राज्यमंत्री ने बताया कि बालगंगा घाटी में शीघ्र ही एक प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जिसका केंद्र कुंडियाली (विनकखाल) रहेगा। इस केन्द्र के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को हथकरघा और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम सीमांत क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करेगा और “वोकल फॉर लोकल” व “आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा को मजबूत करेगा।
भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे अनशन की जानकारी दी। राज्यमंत्री ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर समाजसेवी दर्शन लाल, विभाग प्रतिनिधि हयात सिंह कंडारी, पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
