देहरादून। उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 में बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने सुरक्षा निधि पर मिलने वाली ब्याज दर में एक प्रतिशत की कटौती कर दी है।
अब उपभोक्ताओं को जमा जमानत राशि पर 5.50 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह दर 6.50 प्रतिशत थी।
ब्याज दर में यह बदलाव बैंक दरों में हुए संशोधन के बाद किया गया है। नई दरें उपभोग सुरक्षा और सामग्री सुरक्षा—दोनों तरह की जमा राशि पर लागू होंगी।
यूपीसीएल के अनुसार, उपभोक्ताओं को मिलने वाला ब्याज उनके बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा। यह समायोजन हर हाल में 30 जून तक पूरा करना होगा।
यदि किसी उपभोक्ता की सुरक्षा निधि निर्धारित स्तर से कम हो गई है, तो पहले ब्याज की राशि से उस कमी को पूरा किया जाएगा। इसके बाद बची हुई राशि बिजली बिल में घटाई जाएगी।
स्पष्ट किया गया है कि ब्याज केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने सुरक्षा राशि नकद, चेक, ड्राफ्ट या ऑनलाइन माध्यम से जमा की है। बैंक गारंटी या लेटर ऑफ क्रेडिट के रूप में जमा राशि पर ब्याज नहीं दिया जाएगा।

वहीं, यदि कोई उपभोक्ता वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अपना कनेक्शन स्थायी रूप से समाप्त कर देता है, तो उसे अंतिम बिल तक का ब्याज प्रदान किया जाएगा।
