Rinku Father Death
अलीगढ़ के रहने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। करीब तीन दिन पहले हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से अलीगढ़ समेत क्रिकेट जगत में शोक की लहर है।
पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच स्वदेश लौटकर उनसे मिलने आए थे। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वह दोबारा टीम से जुड़ गए थे। अब उनके शेष मैचों में खेलने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का अथक संघर्ष रहा है। खानचंद सिंह अलीगढ़ की गोविला गैस एजेंसी में हॉकर का काम करते थे और घर-घर सिलेंडर पहुंचाते थे। पांच बेटों और एक बेटी के परिवार का पालन-पोषण उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों में किया। गैस एजेंसी द्वारा दिए गए दो कमरों के मकान में पूरा परिवार रहता था। दिनभर कंधों पर सिलेंडर ढोकर जो कमाई होती, उसी में से वह रिंकू के लिए क्रिकेट किट, गेंद और बल्ला खरीदते थे।
कोच मसूद जफर अमीनी के अनुसार, रिंकू के क्रिकेट के प्रति जुनून को देखते हुए उनके पिता उन्हें अलीगढ़ के अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम लेकर आए। यहीं से रिंकू ने अंडर-16, फिर अंडर-19 और रणजी तक का सफर तय किया। 2012 के स्कूल वर्ल्ड कप में 35 नंबर की जर्सी पहनकर शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीता। यही जर्सी नंबर बाद में आईपीएल में भी उनके लिए लकी साबित हुआ।
आईपीएल 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के जड़कर रिंकू ने कोलकाता नाइट राइडर्स को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। उस जीत ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। उस वक्त उनके पिता खानचंद सिंह परिवार के साथ टीवी पर मैच देख रहे थे। जीत के बाद अलीगढ़ में जश्न मनाया गया, मिठाइयां बांटी गईं और रिंकू के नाम की गूंज हर तरफ सुनाई दी।

खानचंद सिंह ने कभी बेटे पर जिम्मेदारियों का बोझ नहीं आने दिया। खुद संघर्ष करते रहे, लेकिन रिंकू को सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान देने दिया। आज रिंकू जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके पिता के त्याग और मेहनत की गहरी छाप है। उनके निधन से परिवार ही नहीं, खेल जगत ने भी एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व को खो दिया है।
