चारधाम यात्रा
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने में अब 50 दिन से भी कम समय शेष रह गया है। ऐसे में शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। इस बार यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए करीब 6500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही पूरे यात्रा मार्ग को 10-10 किलोमीटर के सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने चारधाम यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों की यात्राओं के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार छोटे से छोटे बिंदु पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी और एनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा यात्रियों को पंजीकरण के बाद उनके मोबाइल नंबर पर रूट डायवर्जन, ट्रैफिक और खराब मौसम से जुड़ी जानकारी भी भेजी जाएगी, ताकि वे अपनी यात्रा उसी अनुसार योजना बना सकें।
आगामी यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रत्येक जिले की पुलिस अपने-अपने स्तर पर भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर काम कर रही है। यदि पहाड़ों में भीड़ अधिक बढ़ती है तो यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश जैसे स्थानों पर अस्थायी रूप से रोका जा सकेगा, जहां उनके रहने और खाने की व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस विभाग ने यात्रा मार्ग पर संभावित भूस्खलन क्षेत्रों की भी पहचान की है। पिछले वर्ष 58 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए थे और इस बार कुछ नए संवेदनशील स्थान भी सूची में शामिल किए गए हैं। इन सभी क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ जेसीबी मशीनें भी उपलब्ध रहेंगी।

इसके अलावा इस बार प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से यात्री मोबाइल पर ही स्थान और मार्ग से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं पर्यटकों के वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया गया है, ताकि यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके।
